
विकसित देशों के सेक्सोलॉजिस्ट की पहली पसंद जर्मनी का होम्योपैथी फार्मुला पहली बार भारत में निर्मित हुआ है। यह फार्मुला लगभग सभी प्रकार की मानसिक और शारीरिक कारणों से हुई लैंगिक समस्याओं का उपचार है। इस फार्मुले को भारत में पहली बार टेक्टिस इंडिया कंपनी (TEQTIS INDIA) द्वारा ब्रीफा-एक्स (BARIFFA-X) के नाम से लांच किया गया है और इसका उत्पादन देश की नामी दवा कंपनी ईमामी ग्रुप (EMAMI GROUP) की कलकत्ता स्थित एम. भट्टाचार्या एंड कंपनी केे द्वारा किया गया है।
-अब तक बाजार में उपलब्ध दवाओं की तरह ब्रीफा-एक्स केवल एक-आध लैंगिक समस्याओं में काम करने की बजाय सभी प्रकार की समस्याओं को खत्म करता है। क्योंकि ब्रीफा-एक्स एंपुल के सिरप में ही 8 तरह की होम्यापैथिक दवाओं को मिलाकर फार्मुला बनाया गया है। यह मानसिक या शारीरिक कारणों से होने वाली मर्दाना समस्याओं, पुरुषों में तनाव की समस्या (उत्थान कम होना या न होना), समय न लगना (जल्द डिस्चार्ज हो जाना), रुकावट न होना, उन इच्छाओ की कमी, स्टेमिना की कमी, इच्छा शक्ति का अभाव, पुरुष पावर का ह्यस, संबंध बनाने में आत्म विश्वास में कमी, ज्यादा उम्र या डायबिटीज के कारण संबंध बनाने में आई कमजोरी, जोश का न आना, नसों की कमजोरी इत्यादि उन सभी समस्याओं में हर उम्र में कारगर है ! तनाव न आने के कारण छोटापन, शुक्राणु उत्पादन स्थान (अंडकोष) की समस्याओं को दूर करने में सहायक है ! शुक्राणु निर्माण को बढ़ाता है। मुख्यतया यह पुरूषों का स्टेमिना बढ़ाकर पौरूष (मर्दाना ताकत) को बनाए रखने में सहायक होता है जिससे संबंधों का समय बढऩे के साथ-साथ पूर्ण संतुष्टि प्राप्त होती है।
पहले एक सप्ताह (7 दिन) तक एक एंपुल सुबह व एक एंपुल शाम को करीब 150 से 200 मिलीग्राम पानी में मिलाकर लें। इसके बाद प्रतिदिन एक एंपुल लिया जाना चाहिए। अथवा अपने होम्योपैथिक विशेषज्ञ की सलाह से इसको प्रयोग करें।
इसके अतिरिक्त इसके पैक में बायो-कॉम्बिनेशन नंबर 27 की 100 टेबलेट का पैक भी है जिसकी 4-4 टेबलेट को दिन में 3 बार चूसना होता है ! ये बायो-कॉम्बिनेशन टेबलेट होमियोपैथी का ही पार्ट है ! ये टेबलेट जिन साल्ट्स की कमी से प्रॉब्लम होती है उनकी डेफिशियेंसी को पूरा करती है जो की स्थाई समाधान में सहायक है !
क्या है एंपुल ?
-कई रिसर्च में यह सामने आया है कि प्लास्टिक की बोतलों में पैकिंग करने से दवाओं की गुणवत्ता जहां कम हो रही है वहीं कई तरह के हानिकारक कैमिकल दवाओं में मिल जाते हैं। इसलिए भारत में पहली बार होम्योपैथिक दवा की पैकिंग हेतु कांच के विशेष एंपुल में ब्रीफा-एक्स की 10 एमएल की पैकिंग (ब्रीफा-एक्स की एक बार में इस्तेमाल की मात्र 10 एमएल ही होती है) तैयार की गई है ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे और इसके परिणाम सटीक मिलें।
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