
शीघ्रपतन के संभावित कारण, पहचान, प्रकार और प्रमाण-आधारित इलाज — एक जगह, हर दावे के साथ स्रोत। PE और ED का अंतर तथा डॉक्टर से कब मिलना चाहिए, यह भी। डाइट और रिश्ते पर अलग गाइड नीचे लिंक हैं।
शीघ्रपतन केवल कम समय में स्खलन होना नहीं है। इसकी पहचान में बार-बार जल्दी स्खलन, स्खलन पर नियंत्रण की कमी और व्यक्ति या रिश्ते में परेशानी — इन तीनों को देखा जाता है। कभी-कभार जल्दी स्खलन होना सामान्य variation हो सकता है; लगातार समस्या में qualified doctor से assessment उपयोगी है।
नीचे की तालिका सिर्फ़ यह समझने के लिए है कि आपकी स्थिति किस ओर इशारा करती है। यह self-diagnosis या अंतिम निदान नहीं है — निदान डॉक्टर बातचीत और ज़रूरत पड़ने पर जाँच के बाद करते हैं।
| स्थिति | सामान्य अर्थ | अगला कदम |
|---|---|---|
| कभी-कभार जल्दी स्खलन | सामान्य variation हो सकता है | दबाव कम रखें; pattern observe करें |
| बार-बार कम control और distress | PE की संभावना | Medical/sexual history assessment |
| पहले timing सामान्य थी, अचानक समस्या शुरू हुई | Acquired PE या underlying factor संभव | Doctor evaluation |
| साथ में erection बनाए रखने में कठिनाई | ED और PE दोनों संभव | ED assessment भी जरूरी |
शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) की पहचान किसी एक घड़ी-नंबर से नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन तीन चीज़ों को साथ देखती हैं — स्खलन तक का समय (IELT), उस पर नियंत्रण, और उससे व्यक्ति या रिश्ते को होने वाली परेशानी। [1] [2] [3]
शुरू से मौजूद PE के लिए AUA लगभग 2 मिनट और ISSM लगभग 1 मिनट की बात करती है, पर दोनों साफ़ कहती हैं कि IELT अकेला diagnostic test नहीं है। जो व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से जल्दी स्खलन करता है और जिसे कोई परेशानी नहीं, उसे PE नहीं माना जाता। [2] [3]
| प्रकार | कब से | आमतौर पर क्या देखा जाता है |
|---|---|---|
| Lifelong PE | पहले संभोग से ही | लगभग हर बार जल्दी; नियंत्रण की लगातार कमी |
| Acquired PE | पहले सामान्य था, बाद में शुरू हुआ | समय में साफ़ गिरावट; अक्सर कोई नया कारक साथ |
| Variable PE | कभी-कभार | सामान्य उतार-चढ़ाव; गाइडलाइन इसे विकार नहीं मानतीं |
| Subjective PE | शिकायत है, समय सामान्य | अपेक्षा और चिंता से जुड़ा; समय सामान्य रेंज में |
आख़िरी दो प्रकार Waldinger के प्रस्तावित वर्गीकरण से हैं और अलग-अलग स्रोतों में terminology थोड़ी अलग मिल सकती है। [5] [4]
DSM-5 में गंभीरता का एक मोटा बँटवारा दिया गया है। इसे सही-सही जानना ज़रूरी है, क्योंकि इंटरनेट पर यह अक्सर उलटा छपा मिलता है:
| स्तर | प्रवेश के बाद समय |
|---|---|
| हल्का (Mild) | लगभग 30 सेकंड से 1 मिनट |
| मध्यम (Moderate) | लगभग 15 से 30 सेकंड |
| गंभीर (Severe) | 15 सेकंड से कम, या प्रवेश से पहले ही |
यानी जितना कम समय, उतना ज़्यादा गंभीर — उलटा नहीं। साथ यह भी कि AUA/SMSNA गाइडलाइन खुद कहती है कि इस बँटवारे का क्लिनिकल आधार साफ़ नहीं है; इलाज की ज़रूरत स्टॉपवॉच से नहीं, नियंत्रण और परेशानी से तय होती है। [2]
सर्वे में हर तीन में से लगभग एक पुरुष कहता है कि उसे "जल्दी हो जाता है", और कई समीक्षाएँ शीघ्रपतन की दर लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक बताती हैं। [10] [27] पर जब नियंत्रण की कमी और परेशानी — दोनों को गिना जाता है, तो असली clinical PE 5% से कम पुरुषों में मिलता है। [2] मतलब यह कि बहुत से लोग जो खुद को मरीज़ मान लेते हैं, वे असल में सामान्य रेंज में हैं।
पश्चिमी देशों के आम पुरुषों पर हुई स्टॉपवॉच स्टडीज़ में औसत समय लगभग 5–6 मिनट निकला, और ज़्यादातर का समय मोटे तौर पर 4 से 8 मिनट के बीच रहा — पर पूरी रेंज कुछ सेकंड से लेकर लगभग 50 मिनट तक फैली थी। [3] [2]
भारत के अध्ययनों में आँकड़े अलग-अलग मिले हैं — उत्तर भारत के एक ग्रामीण समुदाय-आधारित अध्ययन में शीघ्रपतन की रिपोर्टिंग लगभग 4.6% रही, दक्षिण भारत के ग्रामीण सर्वे में लगभग 8.8%, और तमिलनाडु के एक क्लीनिक-आधारित अध्ययन में 19.4%। [34] [43] [44] अध्ययन करने वालों ने खुद माना कि झिझक की वजह से रिपोर्टिंग असल से कम हो सकती है।
स्खलन एक reflex है जो दो चरणों में पूरा होता है — पहला emission, जिसमें शुक्राणु प्रोस्टेट तक पहुँचकर वीर्य बनाते हैं; और दूसरा expulsion, जिसमें पेल्विक मांसपेशियाँ सिकुड़कर उसे बाहर निकालती हैं। इस तालमेल को दिमाग़, रीढ़ और पेल्विक नसें चलाती हैं। [8]
दुनिया भर के डॉक्टर, बीमा कंपनियाँ और रिसर्च डेटाबेस शीघ्रपतन को तय कोड से पहचानते हैं। इन्हें जान लेना इसलिए काम का है कि इससे साफ़ हो जाता है कि यह कोई गढ़ी हुई स्थिति नहीं, बल्कि आधिकारिक तौर पर दर्ज मेडिकल condition है।
| ICD-10 | F52.4 — Premature ejaculation अध्याय 5 › ब्लॉक F50–F59 › श्रेणी F52। धात सिंड्रोम का अलग कोड F48.8 है। |
| ICD-11 | HA03.0 — Male early ejaculation (1 जनवरी 2022 से लागू) उप-कोड HA03.00–HA03.03 — शुरू से/बाद में × हर स्थिति में/कुछ स्थितियों में। ध्यान रहे: HA03.1 शीघ्रपतन नहीं, delayed ejaculation है। [32] |
| MeSH | D061686 — Premature Ejaculation 2013 में जोड़ा गया; पर्यायवाची Ejaculatio Praecox; चार ट्री नंबर — C12.100.500.150.500 · C12.100.875.364.500 · C12.200.294.150.500 · F03.835.700। [33] |
| दूसरे डेटाबेस | SNOMED-CT 123302009 · UMLS C0033038 · MONDO MONDO:0001780 · NCIt C94349 |
कोड अपने आप में निदान नहीं है — निदान डॉक्टर बातचीत और ज़रूरत पड़ने पर जाँच के बाद करते हैं।
लक्षण सिर्फ़ समय के नहीं होते। मोटे तौर पर ये दो हिस्सों में बँटते हैं।
शीघ्रपतन का कोई एक निश्चित कारण अब तक स्थापित नहीं हुआ है। गाइडलाइन खुद मानती हैं कि इसकी aetiology काफ़ी हद तक अज्ञात है, और अलग-अलग लोगों में अलग-अलग कारक जुड़े मिलते हैं। [1] [6]
| कारक | कैसे relevant हो सकता है |
|---|---|
| Performance anxiety | कुछ पुरुषों में स्खलन पर नियंत्रण को प्रभावित कर सकती है |
| Stress | पूरी यौन प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है |
| Relationship factors | परेशानी और यौन क्रिया — दोनों को प्रभावित कर सकते हैं |
| Erectile dysfunction | acquired PE के साथ जुड़ा मिल सकता है; ED का अलग assessment ज़रूरी |
| Prostatitis / urogenital symptoms | चुनिंदा मामलों में relevant; CP/CPPS के साथ association दर्ज है [7] |
| Hyperthyroidism | चुनिंदा मरीज़ों में relevant; लक्षण होने पर ही जाँच [2] |
| Diabetes, obesity, सामान्य सेहत | association दर्ज है, पर सीधा कारण सिद्ध नहीं |
| नींद की कमी, कुछ दवाएँ व नशा | यौन प्रतिक्रिया बदल सकते हैं; दवा बदलने पर डॉक्टर को बताएँ |
स्खलन दिमाग़, रीढ़ और पेल्विक नसों के तालमेल से होने वाला एक reflex है, जिसमें serotonin नाम का neurotransmitter भूमिका निभाता है। [8] [6] यह “नसों की कमज़ोरी” नहीं है — और न ही हर मामले का एक ही कारण होता है।
| शीघ्रपतन (PE) | मर्दाना कमज़ोरी (ED) | |
|---|---|---|
| मुख्य दिक्कत | स्खलन का समय और उस पर नियंत्रण | इरेक्शन बनना या टिकना |
| आम शिकायत | “बहुत जल्दी हो जाता है” | “ठीक से खड़ा नहीं होता” |
| पहला कदम | history, नियंत्रण और परेशानी का आकलन | ED का अलग assessment |
दोनों एक साथ भी हो सकते हैं, और ऐसे में गाइडलाइन पहले ED का इलाज करने को कहती हैं। [1] [2] पूरी तुलना अलग गाइड में है — शीघ्रपतन और मर्दाना कमजोरी (ED) में अंतर।
assessment में आमतौर पर ये बातें शामिल होती हैं:
शुरुआत किसी रजिस्टर्ड जनरल फ़िज़िशियन या यूरोलॉजिस्ट से की जा सकती है। जहाँ घबराहट, तनाव या रिश्ते का दबाव बड़ी भूमिका निभा रहा हो, वहाँ यौन-स्वास्थ्य में प्रशिक्षित मानसिक-स्वास्थ्य पेशेवर या couple counsellor भी मदद कर सकते हैं। [1] [2]
डॉक्टर से बात की तैयारी — मुफ़्त सेल्फ-असेसमेंट
यह निदान नहीं करता और न ही कोई इलाज सुझाता है। यह सिर्फ़ वह जानकारी इकट्ठा करने में मदद करता है जो डॉक्टर सबसे पहले पूछते हैं।
ऊपर जो तीन बातें बताई गईं — समय, उस पर नियंत्रण, और उससे होने वाली परेशानी — assessment इन्हीं तीनों पर टिका है। यह calculator इन्हीं पर आपके जवाब एक जगह इकट्ठा करता है, ताकि अपॉइंटमेंट पर आप अपनी बात साफ़ और पूरी रख सकें।
क्या पूछा जाता है
समय, नियंत्रण, कब से है, और परेशानी कितनी — कुछ सीधे सवाल।
क्या मिलेगा
आपके जवाबों का एक सार, जिसे आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं।
क्या नहीं मिलेगा
कोई निदान, कोई दवा का नाम, कोई इलाज की सिफ़ारिश।
Sexual Health Calculator शुरू करें →
नई विंडो में खुलेगा; यह लेख अपनी जगह खुला रहेगा। कोई नाम या पहचान माँगी नहीं जाती। यह किसी डॉक्टर की जाँच का विकल्प नहीं है।
इस वीडियो में डॉ. सतीश शर्मा अपने क्लिनिकल अनुभव की बात करते हैं। ऊपर और नीचे की गाइड इससे अलग है और अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइन व प्रकाशित अध्ययनों पर आधारित है — जहाँ दोनों में फ़र्क़ दिखे, वहाँ आपके अपने डॉक्टर की जाँच ही तय करेगी।
शीघ्रपतन क्या है, इसके पीछे क्या होता है, और क्लिनिक में क्या देखने को मिलता है
इस वीडियो में क्या बताया गया है?
डॉ. सतीश शर्मा
DHMS · होम्योपैथिक चिकित्सक
नागोरी गेट, हिसार (हरियाणा) · Haryana Homeopathy Council Reg. No. 5454-A · 35+ वर्ष का अनुभव · प्रोफ़ाइल देखें
वीडियो YouTube के privacy-enhanced मोड से लोड होता है और तभी चलता है जब आप play दबाएँ।
वीडियो में जिस प्रोडक्ट की बात है — उसकी पूरी जानकारी
Bariffa-X + BC27 एक होम्योपैथिक कॉम्बो है जो Teqtis India बेचता है। उसका पैक, निर्माता, licence, कीमत, सुरक्षा और डिलीवरी — सब नीचे Product Information वाले हिस्से में एक जगह दर्ज है, और इस लेख की गाइडलाइन-आधारित जानकारी से अलग रखा गया है।
इस पेज पर दिए गए medical references शीघ्रपतन की स्थिति से संबंधित हैं — वे इस प्रोडक्ट पर किए गए direct clinical trials नहीं हैं। कोई गारंटी नहीं दी जाती; परिणाम व्यक्ति के अनुसार बदल सकते हैं।
इलाज का चुनाव प्रकार, साथ में मौजूद स्थितियों और व्यक्ति की पसंद पर निर्भर करता है। गाइडलाइन इसे shared decision के तौर पर देखती हैं। [1] [2]
इनमें से कोई भी विकल्प हर व्यक्ति में एक जैसा काम नहीं करता, और अक्सर तकनीक व चिकित्सकीय इलाज का मेल किसी एक से बेहतर निकलता है। [2]
इस पर ईमानदार जवाब यही है कि प्रमाण सीमित है। शीघ्रपतन पर वैकल्पिक उपायों की समीक्षाओं में ज़्यादातर अध्ययन छोटे और कमज़ोर डिज़ाइन के मिले हैं, [10] और होम्योपैथी पर आम तौर पर उपलब्ध प्रमाण को NCCIH भी गुणवत्ता में कमज़ोर बताता है। [11] यह पेज एक होम्योपैथिक उत्पाद बेचने वाली कंपनी चलाती है, फिर भी यह बात वैसी ही लिखी गई है जैसी प्रमाण बताते हैं।
यह तालिका यह नहीं बताती कि कौन-सी पद्धति “सही” है। यह सिर्फ़ यह बताती है कि किस पद्धति की कितनी और कैसी जाँच हुई है।
| क्या देखा जा रहा है | होम्योपैथी | आयुर्वेद / हर्बल | मॉडर्न मेडिसिन |
|---|---|---|---|
| शीघ्रपतन पर सीधे कितने RCT? | वैकल्पिक चिकित्सा की समीक्षाओं में होम्योपैथी का एक भी RCT शामिल नहीं मिला। मतलब असर नहीं — नहीं; मतलब इस पैमाने पर जाँच हुई ही नहीं। | एक समीक्षा में 10 ट्रायल मिले, जिनमें सिर्फ़ 1 आयुर्वेदिक हर्बल था। | दर्जनों RCT और meta-analysis — जैसे लगाने वाली दवाओं पर 11 RCT / 2,008 लोग। [29] |
| ट्रायल की गुणवत्ता | सभी बीमारियों को मिलाकर 32 RCT की समीक्षा में 20 high risk of bias निकले। [28] | समीक्षा का अपना निष्कर्ष: शुरुआती संकेत हैं, पर गुणवत्ता अस्पष्ट। [10] | ज़्यादातर placebo-नियंत्रित और double-blind। |
| गाइडलाइन में जगह | काफ़ी evidence नहीं; कोई सिफ़ारिश नहीं। | वही स्थिति। | पहली और दूसरी पसंद — दोनों साफ़ परिभाषित। [1] [2] |
| साइड इफ़ेक्ट का डेटा | बहुत कम दर्ज। | बहुत कम दर्ज; दवा-टकराव पर आँकड़े नहीं। | हर ट्रायल में गिना और छापा जाता है। |
| भारत में licence का मतलब | AYUSH-licensed = बनाने की इजाज़त, असर की मंज़ूरी नहीं। | वही। | CDSCO के तहत; फिर भी अमेरिका में PE के लिए कोई दवा FDA-approved नहीं — इस्तेमाल off-label है। |
ये चारों अभी सिफ़ारिश के लायक नहीं हैं। फिर भी यहाँ इसलिए हैं कि आपको पता रहे कि बाहर क्या हो रहा है — और कल इनमें से कोई चीज़ भारत में बिकनी शुरू हो, तो आप सही सवाल पूछ सकें।
टखने पर बिजली की सिकाई (TPTNS)
मिस्र और कोलंबिया · न चीरा, न दवा
टखने की नस पर चमड़ी के ऊपर से हल्की बिजली — वही तरीक़ा जो बार-बार पेशाब के इलाज में चलता है। 2025 के एक RCT में 50 पुरुषों को असली और नक़ली (sham) सिकाई में बाँटा गया; असली वाले समूह में 64% का स्कोर सुधरा बनाम नक़ली में 16%। [19] 2025 की एक समीक्षा ने ऐसे 10 अध्ययन गिने और कहा कि रुझान अच्छा है, पर बेहतर अध्ययन चाहिए। [20]
Cligosiban
ब्रिटेन · अब कहीं उपलब्ध नहीं
सेरोटोनिन से हटकर पहली बड़ी कोशिश। छोटे ट्रायल में नतीजा अच्छा आया, फिर वही डिज़ाइन का बड़ा ट्रायल पूरी तरह नाकाम रहा। [21] इससे सीखने की बात यह है कि एक छोटा सकारात्मक अध्ययन कुछ साबित नहीं करता।
नस काटने का ऑपरेशन (SDN)
चीन, कोरिया, तुर्की · भारत में बहुत कम
AUA और EAU — दोनों इसे इलाज नहीं मानतीं, और स्थायी सुन्नपन का जोखिम है। [22] [1] [2]
लिंग के अगले हिस्से में फिलर (HA)
कोरिया से शुरू · भारत में बहुत कम
EAU इसे सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जा सकने वाला विकल्प मानती है; AUA/SMSNA प्रयोगात्मक मानती है और सिर्फ़ ट्रायल के अंदर रखती है। [17] [18] [4] जब तीन बड़ी संस्थाएँ तीन अलग बात कहें, तो मामला तय नहीं हुआ है।
इनमें से कोई चीज़ Teqtis नहीं बेचता। ये यहाँ सिर्फ़ इसलिए हैं कि यह गाइड वह भी बताए जो हमारे काम का नहीं है।
कपालभाति · अनुलोम-विलोम · भ्रामरी · मूल बंध / अश्विनी मुद्रा · शवासन। शोध में इस्तेमाल हुए प्रोटोकॉल 12 हफ़्ते के थे और रोज़ किए जाते थे। कौन-सा आसन आपके लिए ठीक है, यह किसी प्रशिक्षित शिक्षक से तय करवाइए।
इनमें से कोई भी दिखे तो routine consultation में देर न करें। इनमें से कोई भी आपातकाल (emergency) नहीं है, पर इन्हें टालना भी ठीक नहीं — वीर्य में खून, तेज़ दर्द या तेज़ बुख़ार जैसी स्थिति में उसी दिन दिखाना बेहतर है।
किसी एक खाने को शीघ्रपतन का इलाज नहीं माना जा सकता — इसका कोई प्रमाण नहीं है। पर सामान्य सेहत का असर यौन क्रिया पर पड़ता है, और यहाँ कुछ बातें लगातार सामने आती हैं: स्वस्थ वज़न बनाए रखना, पूरी नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि, तंबाकू और शराब में कमी, और संतुलित खान-पान। इनका असर सीधे टाइमिंग पर नहीं, बल्कि रक्त-प्रवाह, मेटाबॉलिक सेहत और मानसिक स्थिति के रास्ते पड़ता है — और वही रास्ता इरेक्शन तक जाता है, जो acquired PE की एक पहचानी हुई साथी स्थिति है। किसी भी चीज़ को “टाइमिंग बढ़ाने वाला” बताकर बेचा जाए, तो उसके पीछे का अध्ययन ज़रूर पूछिए।
विस्तार से पढ़ें — शीघ्रपतन में diet, lifestyle और घरेलू उपाय।
शीघ्रपतन का असर सिर्फ़ एक व्यक्ति पर नहीं पड़ता। परिभाषा में “distress” शब्द इसीलिए है — परेशानी व्यक्ति को भी होती है और रिश्ते को भी। अक्सर जो चक्र बनता है वह यह है: जल्दी होने का डर, फिर उसी डर से नज़दीकी से बचना, और फिर दोनों के बीच बात बंद हो जाना। इस चक्र को तोड़ने में तीन चीज़ें मदद करती हैं — दबाव कम करना, साथी को साथ लेकर बात करना, और ज़रूरत पड़ने पर couple-based support लेना। गाइडलाइन भी psychosexual support को इलाज का हिस्सा मानती हैं। यह कमज़ोरी की बात नहीं; यह उसी तरह का सहारा है जैसा किसी और स्वास्थ्य समस्या में लिया जाता है।
विस्तार से पढ़ें — शीघ्रपतन के कारण रिश्ते और partner communication।
नीचे वे दस बातें हैं जो इस विषय पर सबसे ज़्यादा कही जाती हैं, और उनके सामने वही लिखा है जो प्रमाण कहते हैं।
| जो आमतौर पर कहा जाता है | जो प्रमाण कहते हैं |
|---|---|
| ✗1 मिनट से कम में हो जाए तो यह पक्का शीघ्रपतन है। | ✓अकेला समय काफ़ी नहीं — नियंत्रण की कमी और परेशानी भी साथ देखी जाती हैं। [2] [3] |
| ✗ज़्यादा हस्तमैथुन से नसें कमज़ोर होकर शीघ्रपतन होता है। | ✓masturbation स्वयं established cause नहीं है; कुछ लोगों में behaviour या anxiety pattern relevant हो सकता है। [6] |
| ✗यह “नसों की कमज़ोरी” है, इसलिए नसों को ताक़त देने वाली चीज़ चाहिए। | ✓“नसों की कमज़ोरी” कोई मेडिकल निदान नहीं। स्खलन एक reflex है जिसमें serotonin नाम का neurotransmitter भूमिका निभाता है। [8] [6] |
| ✗स्वप्नदोष और शीघ्रपतन एक ही चीज़ हैं। | ✓दोनों अलग हैं। नींद में अपने आप होना अलग बात है; शीघ्रपतन जागते हुए नियंत्रण की कमी से जुड़ा है। [12] |
| ✗सबको hormone और vitamin के टेस्ट करा लेने चाहिए। | ✓Laboratory tests routine रूप से जरूरी नहीं होते; selected tests केवल clinical indication पर। [1] [2] |
| ✗वीर्य की जाँच से शीघ्रपतन का कारण पता चल जाता है। | ✓semen analysis बच्चे होने से जुड़ी जाँच है; PE के assessment में यह शामिल नहीं है। [2] |
| ✗सात दिन में जड़ से इलाज हो जाता है। | ✓किसी भरोसेमंद गाइडलाइन में न “पक्का इलाज” है, न कोई तय समय-सीमा। course recommendation outcome guarantee नहीं है। [1] [2] |
| ✗“प्राकृतिक” लिखा है, इसलिए कोई side effect नहीं होगा। | ✓उपयोग से पहले label और professional advice देखें। AYUSH licence निर्माण की अनुमति है, असर का प्रमाण नहीं। [11] |
| ✗यह बढ़ती उम्र की समस्या है। | ✓यह किसी भी उम्र में हो सकती है; कम उम्र में अनुभव की कमी और घबराहट ज़्यादा भूमिका निभाती है। [6] |
| ✗खतना करवाने से टाइमिंग बढ़ जाती है। | ✓AUA साफ़ कहती है कि खतने का स्खलन के समय पर असर नहीं है। [2] |
| ✗हर PE का एक ही कारण होता है। | ✓कारण multifactorial हो सकते हैं; अलग-अलग लोगों में अलग कारक जुड़े मिलते हैं। [1] [27] |
| ✗एक बार दवा ले ली तो हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा। | ✓दवा बंद करने पर असर लौट सकता है — इसीलिए behavioural तरीक़े और काउंसलिंग साथ जोड़ने की सलाह दी जाती है। [2] |
यह गाइड किसी के काम आ सकती है — भेज दीजिए, या अपने ही नंबर पर सेव कर लीजिए।
WhatsAppFacebookXTelegramLinkedInहर सवाल पर सीधा जवाब पहले, फिर विस्तार और अगला कदम। सवाल पर टैप कीजिए, जवाब खुल जाएगा। डाइट, ED और रिश्ते से जुड़े विस्तृत जवाब उनकी अलग गाइड में हैं — डाइट व lifestyle, PE बनाम ED और रिश्ते व partner communication।
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अगला कदम: डॉक्टर के सामने “स्टैमिना कम है” की जगह यह बताइए कि ठीक क्या होता है — इससे सही दिशा में जाँच होगी। [6]
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अगला कदम: अगर असली और अपेक्षित अनुभव के बीच फ़ासला बढ़ रहा है, तो यह बात काउंसलर या डॉक्टर के सामने रखने लायक है। [6]
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यह हिस्सा ऊपर की शैक्षिक जानकारी से अलग है। इसे product disclosure के तौर पर पढ़ें।
| Product type | होम्योपैथिक कॉम्बो — पीने के लिए Bariffa-X ampoule और चूसने के लिए BC27 टैबलेट |
| Manufacturer | M. Bhattacharyya & Co., Since 1889 (कोलकाता) · AYUSH-licensed, Drug Licence No. ML865M |
| Pack | Bariffa-X 10 ml × 30 ampoule + BC27 टैबलेट 10 gm × 3 बोतल — 23 दिन का पैक। कोर्स की अवधि पैक/डॉक्टर के protocol के अनुसार; यह outcome guarantee नहीं है। |
| Price | ₹4,230 (COD, शिपिंग सहित) · ₹4,080 पूरा advance पर |
| Delivery | India Post और कूरियर के ज़रिए पूरे भारत में COD · सादी (discreet) पैकिंग · COD पर ₹500 advance, शेष डिलीवरी पर |
ऊपर दिए गए medical references शीघ्रपतन की condition और उसके assessment/treatment से संबंधित हैं; वे Bariffa-X + BC27 पर किए गए direct clinical trials नहीं हैं। Product response व्यक्ति के अनुसार बदल सकता है। लंबे समय से चल रही या गंभीर समस्या में qualified healthcare professional से सलाह लें।
Product page देखेंWhatsApp पर पूछेंफ़ोन: 70422-47248 (सुबह 9 – शाम 6)
यह एक छोटा वीडियो (YouTube Short) है, जिसमें वे पुरुषों की आम यौन समस्याओं पर अपने अनुभव से बात करते हैं।
पुरुषों की यौन समस्याओं पर एक छोटा वीडियो
इस वीडियो में क्या बताया गया है?
डॉ. राम कृष्ण मिश्रा
MD (Homeo) · पूर्व प्रोफेसर, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज
नीचे दिए स्रोतों में पहले तीन प्राथमिक गाइडलाइन हैं; बाक़ी peer-reviewed समीक्षाएँ और अध्ययन हैं। लेख में हर दावे के पास उसी स्रोत का नंबर दिया गया है।
Commercial disclosure: यह हिस्सा उस प्रोडक्ट के बारे में है जो Teqtis India बेचता है। ऊपर दिए गए medical references शीघ्रपतन की स्थिति से संबंधित हैं — वे Bariffa-X + BC27 पर किए गए direct clinical trials नहीं हैं। परिणाम व्यक्ति के अनुसार बदल सकते हैं। Persistent या गंभीर समस्या में qualified healthcare professional से assessment लें।
विस्तार
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अगला कदम: जो भी ले रहे हैं, उसका नाम लेकर अपने डॉक्टर को बताइए — छुपाने से जाँच ग़लत दिशा में चली जाती है। [11]
Written and medically reviewed by: डॉ. सतीश शर्मा, DHMS — होम्योपैथिक चिकित्सक, नागोरी गेट, हिसार (हरियाणा)। Haryana Homeopathy Council Reg. No. 5454-A · 35+ वर्ष का अनुभव। इस पेज का लेखन और मेडिकल समीक्षा, दोनों उन्हीं की हैं।
यह लेख कैसे तैयार हुआ: पहले EAU, AUA/SMSNA और ISSM की मूल गाइडलाइन पढ़ी गईं, फिर हर दावे को उसके अपने स्रोत से मिलाया गया — कुल 46 स्रोत, जिनके लिंक ऊपर और दावे के साथ-साथ दिए गए हैं। इलाज, जाँच और नए दावों पर systematic review तथा meta-analysis स्तर के प्रमाण देखे गए; किसी ब्लॉग या विज्ञापन को स्रोत नहीं माना गया। जिस बात का प्रमाण नहीं मिला, उसे "प्रमाण नहीं है" लिखा गया — इसमें होम्योपैथी भी शामिल है, जबकि यह पेज एक होम्योपैथिक ब्रांड चलाता है। कोई भुगतान किया हुआ स्रोत, प्रायोजित रिसर्च या ग्राहक-समीक्षा इस्तेमाल नहीं की गई।
पारदर्शिता: डॉ. शर्मा Teqtis India से जुड़े हैं, जो इस पेज पर बताया गया प्रोडक्ट बेचता है। इसीलिए ऊपर की सारी मेडिकल जानकारी स्वतंत्र गाइडलाइन और प्रकाशित अध्ययनों से ली गई है, और प्रोडक्ट वाला हिस्सा साफ़ अलग रखा गया है।
नीतियाँ: सम्पादकीय नीति · करेक्शन पॉलिसी · हमारे बारे में · संपर्क
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ़ जानकारी और शिक्षा के लिए है। यह किसी डॉक्टर की जाँच, निदान या सलाह का विकल्प नहीं है। कोई भी दवा या उपाय शुरू करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लें। ग़लती दिखे तो [email protected] पर लिखें — जाँचकर सुधार किया जाएगा। प्रकाशित: 10 जून 2026 · अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026।
नीचे की सूची सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह ऊपर की मेडिकल जानकारी का हिस्सा नहीं है — इसे product/shipping disclosure के तौर पर पढ़ें।
हर राज्य के नीचे मुख्य शहर उनके पिनकोड के साथ हैं, और फिर उस राज्य के सभी ज़िले अंग्रेज़ी व स्थानीय भाषा में। आपका गाँव या क़स्बा सूची में न दिखे तो भी डिलीवरी हो सकती है — अपना पिनकोड WhatsApp पर भेजकर पक्का कर लीजिए।
पिनकोड रेंज: 121001 – 136135
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Haryana पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 110001 – 110096
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Delhi पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 160001 – 160047
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Chandigarh पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 140001 – 152116
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Punjab पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 301001 – 345034
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Rajasthan पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 244713 – 263680
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Uttarakhand पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 171001 – 177601
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Himachal Pradesh पहुँचने में: लगभग 2–4 दिन
पिनकोड रेंज: 201001 – 285001
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Uttar Pradesh पहुँचने में: लगभग 3–5 दिन
पिनकोड रेंज: 450001 – 488441
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Madhya Pradesh पहुँचने में: लगभग 3–5 दिन
पिनकोड रेंज: 360001 – 396590
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Gujarat पहुँचने में: लगभग 3–5 दिन
पिनकोड रेंज: 400001 – 444908
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Maharashtra पहुँचने में: लगभग 3–5 दिन
पिनकोड रेंज: 800001 – 855117
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Bihar पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 700001 – 743711
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · West Bengal पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 751001 – 770076
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Odisha पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 500001 – 509412
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Telangana पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 515001 – 535594
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Andhra Pradesh पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 560001 – 591346
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Karnataka पहुँचने में: लगभग 5–7 दिन
पिनकोड रेंज: 600001 – 643253
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Tamil Nadu पहुँचने में: लगभग 6–8 दिन
पिनकोड रेंज: 670001 – 695615
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Kerala पहुँचने में: लगभग 6–8 दिन
पिनकोड रेंज: 180001 – 194301
डिस्पैच: शाम 4:30 बजे तक का ऑर्डर उसी दिन हिसार से रवाना · Jammu & Kashmir पहुँचने में: लगभग 6–8 दिन
ज़ोन A 2–4 दिन · ज़ोन B 3–5 · ज़ोन C 5–7 · ज़ोन D 6–8 — यह डिस्पैच के बाद का अनुमानित समय है, वादा नहीं। त्योहार, मौसम या दूर-दराज़ के पिनकोड पर एक-दो दिन ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
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